Ias officer

पिता गांव-गांव घूमकर बेचते थे कपड़े, बेटा UPSC क्रैक करके बन गया IAS अधिकारी, माँ की आँखे हुई नम

किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए जोश और जुनून का होना अनिवार्य है | विश्वाश के साथ किया गया परिश्रम से सफलता जरुर मिलती है | प्रतिदिन अपने दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव लाकर हम एक दिन बहुत बड़ी कामयाबी का हिस्सा हो जाते है | इस बात को सही साबित कर दिया है बिहार राज्य किशनगंज जिले के अनिल बसाक ने |

सुरभि गौतम को इंग्लिश में कमजोर होने से कॉलेज में छात्र उड़ाते थे मजाक, आज बन गईं IAS

हर कोई व्यक्ति UPSC की परीक्षा पास नहीं कर पाता है। परंतु गाँव के इलाके से आई एक लड़की ने यह मुश्किल परीक्षा अपनी मेहनत से पास कर ली। हम जिनकी बात कर रहे हैं वे हैं IAS सुरभि गौतम (IAS Surbhi Gautam). इन्होंने अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए बहुत परिश्रम किया और कामयाब हुई। सुरभि एक आम लड़की की तरह ही अपना जीवन मैं बहुत सारी मेहनत की है और सारी सफलता अपने दम पर हासिल की और इससे काफी बच्चे को प्रेरणा मिलती है आइए जानते हैं इसके बारे में.

घर चलाने के लिए आरा मिल में काम करते थे, प्लेटफॉर्म पर सोना पड़ता था, एक मजदूर से मेहनत कर IAS अधिकारी बन गए

अक्सर मजदूर शब्द सुनते ही हमारे दिमाग में जो पहली छवि बनती है.. वो दिन-हीन, बोझ उठाने वाले, खेतों में काम करने वाले, अपनी रोजी रोटी के लिए पूरे दिन मशक्कत करने वाले इंसान की बनती है। लेकिन ज़रूरी नहीं कि मजदूर सिर्फ़ मजदूरी ही करें। उनमें आगे बढ़ने का जज़्बा और हौसला होता है। …

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गरीब टैक्सी ड्राइवर के होनहार बेटे ने किया कमाल, कड़ी मेहनत से बना IAS ऑफिसर हो रही चारो तरफ चर्चा

जो युवा आईएएस अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं , उनके लिए यह कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है | ऐसा कहा जाता है कीं अगर इंसान ठान ले तो वो दुनिया में कुछ भी कर गुजर सकता है | इसी बात का सटीक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, महाराष्ट्र के एक छोटे से गाँव यवतमाल के रहने वाले अज़हरूद्दीन काज़ी जिन्होंने अत्यंत ग़रीबी और संघर्षों का सामना करते हुए पढ़ाई की और कड़ी मेहनत करके वर्ष 2020 में IAS ऑफिसर बनकर सबको चौका दिया। आज वे उन सभी गरीब और कमजोर बैकग्राउंड से आने वाले यूपीएससी प्रतिभागियों के लिए मिसाल बन गए हैं.

होटल में नौकर का काम करने वाला आदमी बना IAS अधिकारी, लहराया परचम

घर के बुरे हालातों और आर्थिक समस्या से लड़ कर कुछ अभ्यर्थी यहां तक पहुंचते हैं लेकिन उनमें से गिने चुने ही ऐसे होते हैं जो अधिकारी बन पाते हैं. ऐसा कहा जाता है कीं अगर इंसान ठान ले तो वो दुनिया में कुछ भी कर गुजर सकता है | के. जयगणेश की पारिवारिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब थी और इस वजह से उन्होंने कभी वेटर की नौकरी की थी। लेकिन अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर उन्होंने 156वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा कर लिया।

गरीबी को नहीं आने दी बाधा बेटी ने पूरा किया पिता का सपना बनी IAS ऑफिसर

हम आए दिन ऐसी खबरें सुनते रहते हैं, जिसमें देश की प्रतिभाषाली बेटियों ने ना सिर्फ़ उनके परिवार का बल्कि सारे देश का नाम रोशन किया है। इसी वज़ह से बेटियों को पिता का अभिमान कहा जाता है | ऐसी ही एक देश की बेटी हैं साक्षी, जिन्होंने ख़ूब मेहनत से पढ़ाई की और आईएएस अधिकारी बनकर अपने पिता के सपने को साकार किया।

IAS INTERVIEW :- में पूछा गया की बैंक और पुलिस को हिंदी में क्या कहते है ?

भारत में सिविल सेवा के लिए चयनित होना हर मेधावी छात्र का सपना होता है. तमाम छात्रों का ये सपना होता है कि वो आईएएस या आईपीएस बनकर देश की सेवा करें मगर इसकी परीक्षा इतनी कठिन होती है कि हर किसी का ये सपना पूरा नहीं हो पाता | और बता द एकी आईएस में ऐसे ऐसे घुमा फिर के उम्मीदवार से क्वेश्चन पूछे जाते है जो हर किसी के बस की बात नही शायद यही कारण है जो हजार उम्मीदवार में एक उम्मीदवार का चयन होता है | हर साल लाखों युवा यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करते हैं मगर बहुत ही कम छात्र इसमें सफल हो पाते हैं. तीन भागों में होने वाली इस परीक्षा के पहले दो चरण लिखित और अंतिम चरण मौखिक होता है | जिसे इंटरव्यू कहते है आईये जानते है कुछ प्रशन जो अभी तक पूछे जा चुके है…..

पिता चलाते थे रिक्शा बेटा बना आईएएस इस तरह की कड़ी मेहनत के बाद बेटा को बनाया अधिकारी

हम बात कर रहे हैं गोविंद नामक शख्स की गोविंद आईएएस बनकर अपने पिता की सपनों को साकार किया जबकि उसके पिता ने भी खूब मेहनत करो रिक्शा चला कर दूसरे के घर काम कर बहुत कड़ी से कड़ी मेहनत कर अपने बच्चे के लिए अपना सारा जीवन उसी में व्याप्त कर दिया और आखिरकार गोविंद ने अपने पिता की आईएस बनकर सीना चौरा किया |

अनपढ़ सास ससुर ने बहु को बेटी जैसे पढ़ाए बहू ने भी किया सपना साकार बनी IAS

यदि मनुष्य कुछ करने का सोच ले चाहे कैसी भी परिस्थिति हो वो अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर ही लेगा आज हम ऐसे ही एक घटना से आपको रूबरू कराना चाहते हैं आइए जानते हैं | इस बहू की आज तक की सफरआप सब ने तो अपने गांव समाज में अक्सर देखा होगा कि सास बहू में हमेशा लड़ाई होता है लेकिन आज बदलते समाज को एक उदाहरण आपके सामने देने जा रहे हैं जोकि अनपढ़ सास ससुर ने अपनी बहू को बेटी की तरह मानकर पढ़ाया |

घर के काम के साथ करती थी पढाई , UPSC में दूसरे प्रयास में सलोनी बनी आईएएस अफसर

यूपीएससी की परीक्षा को अपने आप में सबसे कठिन और कड़ा एग्जाम माना जाता है | ऐसा कहा जाता है कीं अगर इंसान ठान ले तो वो दुनिया में कुछ भी कर गुजर सकता है | कोई ऐसा व्यक्ति भी होते हैं जिन्हें सालों बाद भी इस परीक्षा में निराशा ही हाथ लगती है लेकिन कई ऐसे आईएएस अफसर भी हैं जो बिना कोचिंग क्लासेज के ही स्वध्याय के दम पर इस परीक्षा में कामयाबी पाते हैं। ऐसी ही कहानी दूसरे प्रयास में आईएएस अफसर बनी सलोनी वर्मा पुरे परिवार में है ख़ुशी की लहर….