रिक्शा चलाकर-दूध बेचकर बने मास्टर, रिटायर हुए तो…गरीब बच्चों के लिए दान कर दिए रिटायरी में मिले 40 लाख रूपये !

इस दुनिया में सबसे श्रेष्ठ स्थान माता-पिता डॉक्टर और गुरु को दिया गया है | माना गया है की इस दुनिया में किसी को शिक्षित करना सबसे महान कर्मो में से एक माना गया है | आज भी हमारे देश में हामारे राज्य में हमारे शहर में हमारे गाँव में हमारे बीच कुछ ऐसे व्यक्ति है जो इंसानियत को मरने से बचा कर रखे हुए है | जी हाँ दोस्तों आज हम आपको एक शिक्षक के बारे में बताने वाले है जो की रिक्सा च्लाक्र्ण दूध बेचकर शिक्षक बना और रिटायर होने पर जिंदगी भर की कमाई दान कर दी |

दरअसल हम जिसके बारे में बात कर रहे है वो मध्य प्रदेश के पन्ना जिला के निवासी है | और वो पेशे से एक वकील है | उनकी ज़िदगी बहुत ही संघर्षशील रही है | उन्होंने शिक्षक बनने के लिए रिक्सा चलाई दूध बेचे तब जाकर वो शिक्षक बने उनकी इमानदारी का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि वो अपने जिंदगी के पूरी कमाई बच्चो के बीच दान कर दी | बता दे की उन्होंने अपना पूरा pf में मिलने वाला रकम 40 लाख सभी गरीब बच्चो के लिए दान कर दिया |

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40 लाख गरीब बच्चो के लिए कर दिया दान :

जानकारी के अनुसार विजय कुमार चंसोरिया जिले के संकुल केंद्र रक्सेहा की प्राथमिक शाला खदिंया के सहायक शिक्षक थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी के कमाई को गरीब बच्चो के बीच दान कर दिए बता दे की ये सारी रकम उनको रिटायर होने पर दी गई थी |

दान करने के बाद क्या बोले शिक्षक :

रिटायरमेंट के समय स्कूल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था उस कार्यक्रम में इनसे जब पूछा गया कि आपने अपनी जिंदगी भर की कमाई क्यों बच्चो के बीच दान कर दिए | तो उन्होंने उसका जवाब दिया कि गरीबी क्या होता है ये मै बहुत अच्छे तरीके से जानता हू | गरीबी को मैंने बहुत नजदीकी से देखे है | गरीबी के कारण बच्चे की पढाई सही तरीके से नहीं हो पाती है और उसकी सजा उस बच्चे को जिंदगी भर मिलता है |

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