भारत के सबसे बड़े स्टील ब्रिज के रूप में शुमार हुआ बिहार के पटना वाल गाँधी सेतु 67 हजार टन लगा है लोहा

इसी महीने के पहले सप्ताह में देश के सबसे लम्बे और सबसे अधिक लोहे के इस्तेमाल से बिहार के राजधानी पटना में बना पूल गाँधी सेतु का लोकार्पण किया गया था | जिसमे बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार समेत केंद्र सरकार में सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिनगडकरी भी उस समय वहां उपस्थित थे उन्हों उस मौके पर बताया कि यह पुल देश का सबसे बड़ा स्टील ब्रिज हो गया। यह 5.6 किमी का लंबा पुल है।

इस तरह का स्टील ब्रिज देश में पहली बार बनकर तैयार हुआ है। इसके निर्माण में 67 हजार टन लोहे का इस्तेमाल हुआ है। गडकरी ने कहा कि एक बार वह खुद भी इस पुल पर लगने वाले जाम में फंस चुके हैैं। विशेषज्ञों से काफी चर्चा हुई थी इसके पुनर्निर्माण पर। पुराने समय में गैमन इंडिया ने इसका निर्माण कराया था। पीयर अभी भी ठीक हैैं। जिस कंपनी ने स्टील के सुपर स्ट्रक्चर पर इसके पुनर्निर्माण योजना के तहत काम किया था, उसने पहले इसके लिए देश के बाहर से स्टील आयात किया था।

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नितिन गडकरी ने कहा कि गांधी सेतु के समानांतर जिस फोर लेन पुल का निर्माण हो रहा. वह सितंबर 2024 तक बनकर तैयार हो जाएगा। छह किमी लंबे इस पुल का 20 प्रतिशत काम अभी तक पूरा हुआ है। इस पुल की निर्माण लागत तीन हजार करोड़ रुपए है। कार्यक्रम में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस, वन एवं पर्यावरण मंत्री अश्वनी चौबे, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद एवं रेणु देवी, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने सभा को संबोधित किया।

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वहीं इस मौके पर बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन, उर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, परिवहन मंत्री शीला कुमारी, पीएचईडी मंत्री डा. रामप्रीत पासवान, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, सांसद एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, वीणा देवी, अजय मंडल, गोपाल जी ठाकुर, रामकृपाल यादव, पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव मौजूद थे।