कभी भैस चरती थी , पिता थे ऑटो ड्राईवर , सी.वनमती UPSC क्लियर कर बनी IAS अधिकारी , पुरे गाँव को है गर्व

यूपीएससी ( UPSC – Union Public Service Commission ) में प्रत्येक वर्ष लगभग 1000 से भी कम सीटें होती हैं। यूपीएससी ( UPSC – Union Public Service Commission ) में प्रत्येक वर्ष लाखों अभ्यार्थी आईएएस ( IAS – Indian Administrative Service ) ऑफिसर बनने के लिए यूपीएससी का एग्जाम देते हैं। ऐसे में सबसे तेज और बेस्ट अभ्यार्थी का ही सिलेक्शन हो पाता है। इस परीक्षा में पास करने के लिए विद्यार्थी को कई सालों तक लगन मेहनत और धैर्य रखकर पढ़ाई करनी पड़ती है। साथ-साथ घर के हालात आर्थिक हालात और सामाजिक हालात से भी निपटना पड़ता है।

IAS C.Vanmathi Success Story in Hindi : आज हम बात कर रहे हैं IAS सी वनमती की जिसने विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और कड़ी संघर्ष करके आईएएस ( IAS – Indian Administrative Service ) अधिकारी बनी। IAS C. Vanmathi का जन्म एक साधारण गरीब परिवार में हुआ। पिता ऑटो चलाते थे और माता साधारण गृहणी थी। घर में आए दिन आर्थिक तंगी रहती थी। हर एक उपयोगी वस्तु खरीदने के लिए संघर्ष करना पड़ता था।

यह भी पढ़ें  IAS Interview Question : दुनिया का वह कौन सा जगह है जहाँ खट्टा शहद मिलता है ?

IAS C. Vanmathi का जब जन्म हुआ, तब किसी ने सोचा भी ना था यह लड़की आगे चलकर IAS Officer बनेगी और देश सेवा में अपना योगदान देगी। सी वनमती का परिवार आर्थिक रूप से पशुपालन पर निर्भर था। वनमती के पास कई भैंस थी। स्कूल से आने के बाद दोपहर में वनमती अक्सर भैंसों को चराने के लिए चली जाया करती थी । भैंस चरा कर जब शाम को घर आती, तब घर के कामों में भी अपनी मां का हाथ बढाती थी।

जैसे-तैसे जिंदगी चल रही थी। सी वनमती पढ़ने में काफी अच्छी थी। उसके स्कूल में भी अच्छे मार्क्स आते थे। सी वनमती ने अच्छे नंबर से 12th पास कर लिया। 12th पास करते ही घर वालों ने शादी का दबाव डालना शुरू कर दिया। जैसा हमारे समाज में होता है, लड़की थोड़ी सी बड़ी क्या हो गई, उसकी शादी कर देना चाहते हैं। लेकिन सी वनमती को यह मंजूर ना था। सी वनमती ने तो कुछ और ही लक्ष्य बना रखा था। इसलिए वह शादी करने से साफ इनकार कर दिया और कह दिया कि जब तक मैं सफल ना हो जाती मैं शादी नहीं करूंगी।

यह भी पढ़ें  स्टेशन पर कुली के काम के साथ छुट्टी के वहां के फ्री वाई-फाई से करता था पढाई आज है अफसर

आगे सी वनमती कंप्यूटर एप्लीकेशन से पोस्ट ग्रेजुएशन कंप्लीट कर लिया। गरीबी और आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए वनमती ने एक प्राइवेट बैंक में जॉब भी शुरू कर दी। प्राइवेट जॉब करने के साथ-साथ सी वनमती यूपीएससी( UPSC – Union Public Service Commission ) का तयारी भी करने लगी। लगन मेहनत और कुछ करने का जज्बा, सी वनमती को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा। वनमती ने सोच लिया था कि 1 दिन आईएएस ( IAS – Indian Administrative Service ) तो बनूंगी ही।

दरअसल आईएएस अधिकारी या डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर बनने का प्रेरणा वनमती को एक टीवी सीरियल देखने के माध्यम से आया था। गंगा जमुना सरस्वती नामक टीवी सीरियल की जो नायिका थी वह एक डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर थी। उस नायिका को देखकर वनमती काफी प्रभावित थी । मन ही मन सोचती रहती थी कि एक दिन मैं भी गंगा जमुना सरस्वती टीवी सीरियल के नायिका के तरह एक आईएएस अधिकारी बनूंगी।

यह भी पढ़ें  दो भाइयो ने मिलकर शुरू की बिजनेस आज 30 करोड़ का है सालाना टर्नओवर जानिये पूरी कहानी

साल 2015 में उन्होंने यूपीएससी ( UPSC – Union Public Service Commission ) का परीक्षा दिया । परीक्षा काफी अच्छा गया था। वनमती को उम्मीद था कि मेरा सिलेक्शन हो जाएगा । जिस दिन रिजल्ट आना था , उस दिन वनमती अपने पिता को लेकर हॉस्पिटल में एडमिट थी। सौभाग्य से वनमती यूपीएससी परीक्षा में पास कर गई थी। सी वनमती को 152 रैंक आया था। अब सी वनमती आईएएस अधिकारी बन गई थी।