बीड़ी मजदूर का बेटा बनेगा अफसर बाबू, आर्थिक तंगी के कारण नहीं जा सका बेगूसराय से बाहर गांव में रहकर की सेल्फ स्टडी

हौसला रख वो मंजर भी आयेगा , प्यासे के पास चलकर समंदर आएगा । ये लाइन बेगूसराय के मंसूरचक प्रखण्ड के तिमूंहा गांव के वार्ड संख्या 10 निवासी बीड़ी मजदूर मो हबीब का 26वर्षीय पुत्र मो.जमशेद पर सटीक बैठती है। बता दें कि जमशेद ने प्रथम प्रयास में ही बीपीएससी प्रतियोगिता परीक्षा में 922 रैंक लाकर सफलता हासिल किया है। उसके इस सफलता से परिवार के साथ गांव और जिला का मान बढ़ गया ।

कठिन परिस्थियों में पिता ने पढ़ाया छात्र जमशेद के पिता बताते हैं कि बीड़ी मजदूरी करके बच्चों को सींचने और संवारने का काम किया । इसी का सुखद परिणाम आज देखने को मिला है। छात्र जमशेद ने कहा कि मंजिल तक पहुंचने से पहले बहुत बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा । आर्थिक संकट का दंश झेल कर  भी कभी नहीं अपनी इच्छा शक्ति को विचलित नहीं होने दिया। सिर्फ एक ही लक्ष्य था शिक्षा ग्रहण करना। आज इस मुकाम तक पहुंचाने में माँ स्वर्गीय रईसा खातून की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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सरकारी स्कूल में प्राप्त की थी शिक्षा छात्र जमशेद ने कहा गांव के सरकारी विधालय उर्दू मध्य विद्यालय तेमूंहा से प्रारंभिक शिक्षा तथा उच्च विद्यालय अहियापुर से वर्ष 2011 में मैट्रिक 80 % प्राप्तांक के साथ पास किया । दशमी कक्षा के बाद इंटर विज्ञान संकाय से वर्ष 2013में समस्तीपुर जिला के प्लस टू उच्च विद्यालय बाजिदपुर से 74 % प्राप्तांक के साथ प्रथम श्रेणी से पास किया।

आरबीएस कांलेज तियाय,तेघड़ा से बीएससी गणित विषय से वर्ष 2016 में प्रथम श्रेणी से पास किया। जिसमें 80.4% अंक प्राप्त हुआ।एमएससी गणित विषय से वर्ष 2018 में जीडी कॉलेज बेगूसराय से किया था जिसमें 68%अंक प्राप्त हुआ।उन्होंने कहा एमएससी का परिणाम घोषित होने के बाद बाहर रह कर तैयारी करने का मन बनाया लेकिन पिता के आर्थिक तंगी को देख कर साहस नहीं हुआ। गांव में ही रहकर दिन और रात तैयारी में जुट गया । जिसका नतीजा बीपीएससी के प्रथम प्रयास में ही सफलता हासिल कर राजस्व अधिकारी के लिए चयनित हुए हैं।

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