केंद्र सरकार ने 4G प्रोजेक्ट के लिए दिये 3683 करोड़ रुपये गाँव-गाँव तक लोगों की पंहुचेगी सेवा

दोस्तों अभी जहाँ हमारा भारत 6g का सपना देख रहा है वहां अभी गाँव के लोगों को ठीक से 4g का भी सेवा नहीं मिल पा रहा है | और कहीं कहीं तो स्पीड बहुत ही कम रहती है जिसके चलते लोगों का शिकायत रहता है | इसी को देखते हुए सरकार ने आकांक्षी जिलों के सुदूर गांवों में 4जी मोबाइल सेवाएं देने के लिए रिलायंस जियो और एयरटेल को 3,683 करोड़ रुपये मूल्य की परियोजना आवंटित की है. जानकारों की माने तो झारखंड एवं महाराष्ट्र में 4जी सेवाओं से वंचित गांवों में एयरटेल 847.95 करोड़ रुपये की लागत से 1,083 मोबाइल टावर लगाएगी. वहीं जियो 2,836 करोड़ रुपये की लागत से 3,696 मोबाइल टावर लगाएगी.

आपको बता दे की पांच राज्यों के आकांक्षी जिलों के वंचित गांवों में 4जी मोबाइल सेवा देने वाली इस परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल ही मंजूरी दी थी. इसके तहत एयरटेल और जियो को मोबाइल टावर लगाने का काम हाल ही में सौंपा गया है. दोनों कंपनियों को परियोजना के तहत चिह्नित गांवों में 4जी सेवाओं की शुरुआत के लिए 18 महीनों का वक्त दिया गया है.

बताया जा रहा है की इस परियोजना में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा के 44 आकांक्षी जिलों के 7,287 गांवों में 4जी-आधारित मोबाइल सेवाएं देने का प्रस्ताव है. इसपर कुल 6,466 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. नवंबर, 2023 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है.