बिहार में साल 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा चार ओवेरब्रिज का काम लोगों को मिलेगा जाम से निजात

बिहार के बेहतर बिहार बनाने के लिए बिहार में अधिक से अधिक कम्पनी का स्थापना किया जा रहा है जिससे बिहार के लोगों को रोजगार भी मिल सके और बिहार को एक नई ऊंचाई भी मिल सकेगी | इसी कड़ी में बिहार में दिन पर दिन रोड की कनेक्टिविटी को भी बेहतर किया जा रहा है |

आपको जानकारी के लिए बता दे कि पुरे भारत के 10 सबसे बड़े पुल में से बिहार के 5 सबसे बड़े पुल शामिल है। आपको बता दूँ की इसमें गांधी सेतु, जेपी सेतु, आरा छपरा ब्रिज सहित कई ब्रिज देश के 10 सबसे पुल में बड़े पुल में शामिल है। इसी बीच अब बिहार में देश का सबसे बड़ा पुल का भी निर्माण अभी चल रहा है। वही आपको बता दूं कि अगले 3 वर्षो में बिहार में कुल 4 पुल का निर्माण हो जाएगा।

2025 तक बनना है 4 ओवेरब्रिज :

बिहार में अगले 3 वर्षो में बिहार में 4 बड़े पुल का निर्माण किया जाना है। उसमें सबसे पहला है कोसी नदी पर महासेतु का निर्माण जो कि भारतमाला परियोजना के तहत कोसी नदी के ऊपर देश का सबसे लंबा पुल का निर्माण हो रहा है, जो कि भेजा-बकौर के बीच इस पुल का निर्माण हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस ब्रिज का निर्माण कुल 1284 करोड़ की लागत से हो रहा है जिसे अगले साल तक निर्माण कर लिया जाएगा।

पीएम पैकेज के तहत कोसी नदी के ऊपर ही एक और ब्रिज निर्माण चल रहा है। बताया कि कोसी नदी के ऊपर से इस ब्रिज का निर्माण एनएच 106 पर फुलौत पुल बनाया जा रहा है। खबर में बताया जा रहा है कि इस ब्रिज की कुल लंबाई 6.93 किलोमीटर होगा। इसके निर्माण पर करीब करीब 1478.8 करोड़ लागत आने का अनुमान है।

वहीं तीसरा पुल का निर्माण भी कोसी नदी के ऊपर ही किया जायेगा। लेकिन यह पुल पुल तीन नदी के ऊपर इसका निर्माण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोसी नदी, पुरानी कोसी और कात्यानी नदी एवं बागमती नदी पर पुल का निर्माण किया जाएगा। आपको बता दूँ की करीब-करीब 514 करोड की लागत की पहले फेस की इस परियोजना से खगरिया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिला को इसका सीधा लाभ मिलने वाला है।

चौथा ब्रिज का निर्माण बिहार के रोहतास जिला के सोन नदी के ऊपर किया जा रहा है। यह बताया जा रहा है कि सोन नदी के ऊपर पांडुका पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल का निर्माण संभवत 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा।