Tokyo 2020: खत्म नहीं हुआ है ओलंपिक में पीवी सिंधु का सफर, अब भी जीत सकती हैं ब्रॉन्ज मेडल

जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे ओलंपिक खेलों में शनिवार को बैडमिंटन के सेमीफाइनल मैच खेले गये जिसमें भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु का सामना चीन की ताई जू यिंग के साथ हुआ, हालांकि इस मैच में जीत हासिल कर सिंधु का भारत के लिये पदक पक्का करने का सपना टूट गया। ताई जू यिंग ने पीवी सिंधु को 21-18 और 21-12 के सीधे सेट में हराकर फाइनल में जगह बना ली। सिंधु की हार के बाद बैडमिंटन में पदक की राह देख रहे करोड़ों फैन्स का दिल टूट गया है, हालांकि फैन्स को यह जानकर खुशी होगी.

कि पीवी सिंधु का ओलंपिक 2020 में अभी सफर खत्म नहीं हुआ है और वो अभी भी भारत के लिये पदक जीत सकती हैं। भारत के लिये लगातार दो ओलंपिक में बैडमिंटन सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पीवी सिंधु को अब हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल के लिये चीन की हे बिंग झियो से मुकाबला करना होगा, जिसमें जीत हासिल करने के बाद सिंधु भारत के लिये लगातार दूसरी बार ओलंपिक पदक जीतने वाली खिलाड़ी बन जायेंगी।

सिंधु ने 2016 के रियो ओलंपिक में भारत के लिये सिल्वर मेडल जीता था। वहीं पर ब्रॉन्ज मेडल के मैच में उनकी प्रतिद्वंदी चीन की हे बिंग झियो का सामना सेमीफाइनल मुकाबले में अपनी हमवतन चेन यू फई के साथ हुआ था जिसमें उन्हें 16-21, 21-13 और 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद झियो को ब्रॉन्ज मेडल मैच में पीवी सिंधु के साथ सामना होगा, जिसमें जीत हासिल करने वाली खिलाड़ी ओलंपिक 2020 का पदक हासिल करेंगी। गौरतलब ह.

कि बिंग झियो और पीवी सिंधु के हेड टू हेड मुकाबले के रिकॉर्ड की बात करें तो झियो के पास 3 मैचों का फायदा है। दोनों के बीच अब तक 15 बार भिड़ंत हुई हैं जिसमें 9 बार झियो ने जीत हासिल की है तो 6 बार सिंधु ने बाजी मारी है। एचएसबीसी बीडब्ल्यू एफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स 2019 में आखिरी बार दोनों खिलाड़ियों का आमना-सामना हुआ था जिसमें 19-21, 19-21 के नजदीकी मुकाबले में जीत हासिल की थी।

आपको बता दें कि बैडमिंटन के ओलंपिक फाइनल मैच में ताई जू यिंग का मुकाबला चेन यू फई से होगा, दोनों ही खिलाड़ी चीन से हैं, जिसका मतलब है कि बैडमिंटन का गोल्ड और सिल्वर मेडल अब चीन के खाते में ही जायेगा और अगर ब्रॉन्ज मेडल मैच में झियो ने पीवी सिंधु को मात दे दी तो बैडमिंटन के तीनों पदक चीन के खाते में ही जायेंगे।