पटना: दर्शकों के लिए जल्द खुल रही है बिहार म्यूजियम की सबसे बड़ी गैलरी, क्या है खासियत?

पटना के बेली रोड स्थित बिहार म्यूजियम की सबसे बड़ी गैलरी जल्द ही दर्शकों के दीदार के लिए खुल रही है, यह गैलरी इतिहास प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। दर्शक इस गैलरी में गुप्तकाल से पहले और उसके बाद के इतिहास के साथ जैनिज्म, बुद्धिज्म से मौर्य तक के इतिहास से रूबरू हो सकेंगे। गैलरी में कुल 62 प्रदर्श होंगे जिसमे से अभी फिलहाल 22 प्रदर्श लग चुके हैं बाकि के भी 40 प्रदर्श जल्द लगाई जाएगी।

दर्शकों के लिए गैलरी में सबसे अधिक आकर्षण जहानाबाद की बराबर गुफाएं, तोरण द्वार, राजगीर की साइक्लोपियन दीवार, कलिंग युद्ध, पावापुरी जल मंदिर खास होगा।

राजगीर की साइक्लोपियन दीवार एक 40 किमी लंबी पत्थर की दीवार है, जिसने बाहरी दुश्मनों और आक्रमणकारियों से बचाने के लिए पूरे प्राचीन शहर राजगृह को भारतीय राज्य बिहार में घेर लिया था। यह दुनिया भर में चक्रवाती चिनाई के सबसे पुराने नमूनों में से एक है।

जहानाबाद जिले स्थित गया से लगभग 24 किमी की दूरी चट्टानों से काटकर बनाई गई सबसे पुरानी गुफाएं में से एक है बराबर गुफाएं, इनमें से अधिकांश गुफाओं का संबंध मौर्य काल से है और कुछ में अशोक के शिलालेख को देखा गया है।

कलिंग युद्ध प्राचीन भारतीय इतिहास के सबसे हिंसक और भयानक युद्धों में से एक है। इसका परिणाम विश्व इतिहास के सबसे प्रसिद्ध युद्धों में से एक बनाने के लिए युगांतरकारी बन गया। यह 261 ईसा पूर्व में लड़ा गया था। कलिंग का यह युद्ध राजा अशोक द्वारा लड़ी गई पहली और अंतिम लड़ाई थी और इसने उनके जीवन के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया। अशोक के शासन के 8 वें वर्ष में कलिंग की लड़ाई शुरू हुई।

बिहार म्यूजियम के कार्यपालक अभियंता एम.एस याहया ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि बिहार म्यूजियम की सबसे बड़ी गैलरी ए सितंबर तक दर्शकों के लिए खुल जाएगी। यह गैलरी गुप्तकाल से पहले और उसके बाद के इतिहास के साथ जैनिज्म, बुद्धिज्म से मौर्य तक के इतिहास को दर्शाएगी।