शादी के मंडप पर दूल्हे को अकेला छोड़ काउंसलिंग ऑफिस पहुँची दुल्हन, नौकरी लगने के बाद हुई विदा

हर व्यक्ति के लिए उसकी शादी का दिन सबसे महत्त्वपूर्ण होता है, जिसमें वह अपने पार्टनर के साथ ज़िन्दगी भर साथ निभाने की कसमें खाते हैं। लेकिन क्या हो अगर शादी के दिन दुल्हन दूल्हे को मंडप पर ही छोड़कर कहीं चली जाए और नौकरी के साथ वापस लौटे।

यकीनन यह घटना सुनने में थोड़ी अजीब ज़रूर लगती है, लेकिन हाल में ही ऐसा एक मामला उत्तर प्रदेश से सामने आया है। जहाँ एक लड़की हाथों में मेंहदी और मांग में सिंदूर भरे काउन्सलिंग के आई थी, जबकि उसका दूल्हा घर पर इंतज़ार कर रहा था। आइए जानते हैं, क्या है ये पूरा मामला-

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आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी कि अगर हौंसलों की उड़ान ऊंची हो, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। इसी कहावत को सच कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रहने वाली प्रज्ञा तिवारी ने, जो अपनी शादी के तुरंत बाद काउंसलिंग ऑफिस पहुँच गई।

दरअसल उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में शिक्षक भर्ती के लिए बीएसए ऑफिस में महिला अभ्यर्थियों की काउंसलिंग चल रही थी, जिसमें प्रज्ञा तिवारी का नाम भी शामिल था। लेकिन काउंसलिंग से एक रात पहले ही प्रज्ञा की शादी हुई थी और अगली सुबह उनकी विदाई होनी थी।

ऐसे में प्रज्ञा ने रात भर दूल्हे के साथ शादी की सभी रस्में पूरी की और विदाई के समय ससुराल जाने के बजाय सुबह पांच बजे बीएसए ऑफिस पहुँच गईं। प्रज्ञा के हाथों में मेंहदी और मांग में सिंदूर देख ऑफिस के सभी लोग हैरान थे, क्योंकि यह नई नवेली दुल्हन डॉक्यूमेंट्स फाइल के साथ लाइन में लगी हुई थी।

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जाहिर-सी बात है कि अगर कोई दुल्हन अपनी शादी की रस्मों को बीच में छोड़कर काउंसलिंग के लिए आए, तो उसमें ज्ञान और आत्मविश्वास का भंडर होगा। प्रज्ञा ने समय पर काउंसलिंग में पहुँच कर अधिकारियों को सवालों के जवाब दिए और शिक्षक का पद हासिल कर लिया।

ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी ड़ॉ। इंद्रजीत प्रजापति ने प्रज्ञा तिवारी को बधाई देते हुए कहा कि कल शादी हुई और आज नौकरी लग गई। आपको बता दें कि प्रज्ञा को बेसिक शिक्षा विभाग गोंडा में शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया है, वहीं काउंसलिंग ख़त्म होने के बाद प्रज्ञा वापस बाराबंकी पहुँची और सारी रस्में ख़त्म कर ससुराल विदा हो गई।

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