मैडम को वर्दी क्या मिली, मोहल्ले के सिरफिरे वहां से हो गए नौ-दो ग्यारह

दरोगा परीक्षा में मैडम के सफल होने की सूचना आने के बाद मोहल्ले के गुंडे वहां से दूर जाने में ही अपनी भलाई समझ रहे हैं। उन्होंने अपना ठिकाना कहीं और बनाने में ही भलाई समझी है। इससे मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली है।

मैडम को वर्दी मिल गई है। वर्दी की परीक्षा में पास होने के बाद उनको यह अवसर मिला है। उनको लगातार बधाई मिल रही है। बधाई सिर्फ वर्दी मिलने के लिए नहीं, इसलिए भी मिल रही कि जब से उनको वर्दी मिलने की खबर आई है मोहल्ले से सड़क छाप मजनू पलायन कर गए हैं। शहर के एक आवासीय मोहल्ला में रहने वाले लोग परेशान थे।

दिनभर सड़क छाप मजनुओं का जमघट लगा रहने से बहू-बेटियों को परेशानी हो रही थी। किसी विवाद में फंसने के डर से वे पुलिस में शिकायत से बच रहे थे। जिस मकान के सामने उनका जमघट लगता था मैडम उसी मकान में रहती हैं।

मैडम भी उनकी उपस्थिति से परेशान थीं। उन्होंने वर्दी की परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम आ गया और उसमें मैडम को सफलता मिल गई है। हालांकि मैडम को वर्दी पहनने में अभी समय लगेगा, लेकिन उनकी धमक से मजनू मोहल्ले से फरार हो गए। 

अब वे मजदूर नेता भी बन गई हैं। इसलिए उनकी उम्मीद और बढ़ गई है। कुर्सी पर कब्जे की लड़ाई आरंभ करने से पहले वह ईश्वर का आशीर्वाद लेना चाहती हैं। इसीलिए उनकी तीर्थ यात्रा को उनको जानने वाले इससे जोड़कर देख रहे हैैं। समाजवादी बहू के लौटने के बाद ही बात साफ होगी।

उनकी सफलता को देखकर पार्टी ने अब उन्हें प्रदेश की जिम्मेदारी दी है। बड़े घर की बहू की नजर अब शहर की सरकार के मुखिया की कुर्सी पर है। इसलिए उन्होंने सक्रियता बढ़ा दी है। हालांकि उन्होंने बीते वर्ष चुनाव में पटना वाले सदन की यात्रा करने का भी मन बनाया था, लेकिन अवसर नहीं मिला। इस बार उनको अवसर दिख रहा है।