Jharkhand Live News – कैसे काम पर लौटेंगे प्रवासी? ट्रेनों में टिकट नहीं, जून तक है तीन सौ वेटिंग, जानें बिहार से लेकर यूपी-झारखंड का हाल

भारतीय रेलवे अब अनलॉक होने लगी है। प्रवासी काम की तलाश में महानगरों की ओर वापसी करने लगे हैं। बीस दिन पहले जिन ट्रेनों को 20 फीसदी तक यात्री नसीब नहीं थे, उनमें अब वेटिंग तीन सौ पार है। आक्यूपेंसी का स्तर भी 40 से चढ़कर 140 प्रतिशत तक पहुंच गया है। खासकर पूर्वांचल, बिहार-झारखंड से महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली की ओर जाने वाले अधिकांश ट्रेनों में यह स्थिति है। गुरुवार को ‘हिन्दुस्तान’ ने चार राज्यों में ट्रेनों के संचालन और सीटों की उपलब्धता पर पड़ताल की, तो यह तथ्य सामने आए। 

यूपी की ट्रेन में जुलाई माह तक सीट नहीं
गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज हो या पश्चिम में मेरठ, आगरा, बरेली और मुरादाबाद सभी स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनों में क्षमता से ज्यादा भीड़ होने लगी है। कुछ में तो पूरे जुलाई महीने तक सीट उपलब्ध नहीं है। सबसे अधिक भीड़ मुंबई के लिए है। मुंबई-पुणे की ट्रेनों में इन दिनों 140 फीसदी से ज्यादा सीट आक्यूपेंसी है। दिल्ली के लिए भी सीट आक्यूपेंसी 125 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।

दक्षिण भारत को जोड़ने वाली राप्तीसागर, कामायनी, केरला और तमिलनाडु एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का भी यही हाल है। पूर्वोत्तर रेलवे ने पहले चरण में 10 ट्रेनों का संचालन 13 जून तक शुरू करने की घोषणा की है जबकि 22 ट्रेनों का संचालन रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही शुरू हो जाएगा। इन ट्रेनों का संचालन लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल करेंगे। उत्तर रेलवे भी 14 जून से कुछ ट्रेनों का संचालन शुरू करने जा रहा है।

बिहार की ट्रेन में यात्रियों की भारी संख्या
कमोवेश बिहार की ट्रेनों में भी पिछले एक सप्ताह से यात्रियों भीड़ बढ़ी है। पटना से नई दिल्ली, मुंबई, यशवंतपुर, सिकंदराबाद, वास्कोडिगामा, पुणे, एर्नाकुलम, हावड़ा और बंगलुरु की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग (दो सौ से चार सौ के मध्य) चल रही है।

राज्य के विभिन्न स्टेशनों से ट्रेनें पूरी क्षमता के साथ चलने लगी है। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पाटलिपुत्र, दानापुर, राजेंद्र नगर टर्मिनल समेत राज्य के अलग-अलग स्टेशनों से विभिन्न राज्यों को जाने वाली सभी ट्रेनों में 100 फीसदी सीटें भर जा रही हैं।