वेटर की नौकरी से आईपीएल तक का सफर,

राजस्थान का झुंझुनू जिला जिस तरीके से सैनिकों के लिए जाना जाता है। वैसे ही इस इलाके से कई अन्य क्षेत्रों में भी युवा बढ़ चढ़कर हिस्सा ले करके राजस्थान और जिले का नाम रोशन करते हैं। साथ ही देश का नाम रोशन करने के लिए भी यह जिला पीछे नही हटता है। आज की कहानी हम आपको बताएंगे कुलवंत खेजडोलिया की। 

कुलवंत की बात करें तो वे झुंझुनू जिले के गांव में चूड़ी अजीतगढ़ के रहने वाले हैं। उनके पिता शंकर गांव में एक परचून की दुकान चलाते हैं। उनकी मां सरोज ग्रहणी है और घर संभालती है।

कुलवंत का जन्म 13 मार्च 1992 को हुआ उन्होंने गांव से ही प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की 11वीं 12वीं की पढ़ाई करने के लिए वह मंडावा चले गए और जिसके बाद उन्होंने मुकुंदगढ़ के कनोडिया कॉलेज से बीकॉम में पढ़ाई की कुलवंत बचपन से ही क्रिकेट प्रेमी थे.

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वह लगातार टीवी पर सचिन तेंदुलकर सौरव गांगुली राहुल द्रविड़ जैसे बड़े बड़े खिलाड़ियों को खेलते हुए देख कर के क्रिकेटर बनना चाहते थे बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद कुलवंत दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में प्रशिक्षण के लिए आ गए उन्होंने वहां आकर संजय भारद्वाज से ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया।

कुलवंत के पिता हमेशा से चाहते थे कि कुलवंत पढ़ाई करने के बाद नौकरी करें,ना कि क्रिकेट खेल। घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कुलवंत अच्छी सी नौकरी करके घर में मदद करना शुरू कर दें। उन्होंने कुछ दिन तक अपने दोस्त के होटल पर वेटर का भी काम किया था। लेकिन कुलवंत हमेशा से क्रिकेटर बनना चाहते थे। कुलवंत हमेशा प्रैक्टिस और खेलने के लिए तैयार रहते थे।

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ट्रेनिंग के दौरान कुलवंत की मेहनत रंग ले आई। साल 2017 में कुलवंत ने दिल्ली की तरफ से खेलते हुए लिस्ट के मैच में डेब्यू किया। वही 26 फरवरी 2017 को कुलवंत नेम विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना शुरू कर दिया।

कुलवंत की ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें कुलवंत अब तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 14 मैच खेल चुके हैं। उन्होंने 14 मैच खेलते हुए 32 विकेट चटकाए हैं। इसके अलावा लिस्ट में अब तक कुलवंत 27 मैच खेलकर 51 विकेट झटक चुके हैं। साथ ही T20 में कुलवंत 15 मैच में 17 विकेट चटका चुके है। साल 2020 में कुलवंत को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने रिलीज कर दिया। जिसके बाद किसी को टीम ने उन्हीं नहीं खरीदा।

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लेकिन कुलवंत इस बात से निराश नहीं है। लगातार घरेलू क्रिकेट खेलते हुए अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। वहीं उन्हें उम्मीद है कि आईपीएल के बाद उन्हें भारत की टीम से भी खेलने का मौका जल्द ही मिलेगा। हम झुंझुनू के बेटे को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं। वही उम्मीद है कि झुंझुनूं का यह बेटा जिले और प्रदेश के साथ पूरे देश का नाम रोशन करेगा।