चार साल से पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय इंजीनियर लौटा घर

चार साल पहले पाकिस्तान में प्रवेश करने वाले हैदराबाद निवासी युवा आइटी इंजीनियर को पड़ोसी देश ने सजा की अवधि पूरी होने के बाद रिहा कर दिया। उसे वापस हैदराबाद लाया गया है।

साइबराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जानार ने बताया कि 32 वर्षीय वैंदम प्रशांत समेत एक अन्य को पाकिस्तान की बहावलपुर पुलिस ने अप्रैल 2017 में बिना किसी वैध दस्तावेज के सीमा पार करते हुए गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसका एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उसने बताया था कि वह पाकिस्तान की जेल में बंद है।

वह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने स्विट्जरलैंड जाना चाहता था। प्रशांत जब घर नहीं लौटा तो उसके पिता बाबू राव ने माधापुर थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज करा दी। वीडियो के बारे में पता चलने पर बाबू राव ने पुलिस आयुक्त से संपर्क किया। उन्होंने प्रशांत की वापसी के लिए राज्य सरकार तथा विदेश मंत्रालय को लिखा।

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सज्जानार ने मीडिया को बताया, सजा की अवधि खत्म होने पर पाकिस्तान ने प्रशांत को अटारी सीमा पर सोमवार को भारतीय इमिग्रेशन प्राधिकारियों को सौंप दिया। उसे हम मंगलवार को हैदराबाद ले आए और उसके परिजनों को सौंप दिया। उधर, प्रशांत ने कहा कि उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वह इतनी जल्द भारत लौट पाएगा।

उसने कहा कि पाकिस्तानी पुलिस ने उसे पीटा था, लेकिन लाहौर जेल में अच्छा सुलूक हुआ। पाकिस्तानी सेना उसे जासूस समझती थी, इसलिए उससे कई दिनों तक पूछताछ होती रही। पाकिस्तान होकर सड़क के जरिये स्विट्जरलैंड जाया जा सकता है और उसमें 60 दिन लगते हैं।

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