ई बिहार ह बबुआ, यहां अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं होता, खंडहर बनाकर भूषा रखा जाता है

बिहार में स्वास्थ्य सुविधा की क्या स्थिति है इसको इन तस्वीरों से समझिए। ये बनगांव का PHC है। बनगांव का महत्व इस बात से समझिए की ये जनसंख्या और क्षेत्रफल दोनों के हिसाब से बिहार का सबसे बड़ा गांव है,

इनफैक्ट ना केवल बिहार बल्कि शायद भारत का सबसे बड़ा गांव। इस गांव में तीन पंचायत है, कुल आबादी करीब 1 लाख। इस हिसाब से इसे केवल गांव नहीं बल्कि छोटा शहर अथवा कस्बा ही समझिए।

बिहार के सबसे बड़े गांव में स्वास्थ्य सुविधा का हाल क्या है उसकी गवाही ये तस्वीरें जोर जोर से बोलकर दे रही है। 14 साल पहले 65 लाख के राशि से बने इस PHC भवन में डॉक्टर अथवा ईलाज की बात छोड़ दीजिए। इसका इस्तेमाल होता है भूसा रखने के लिए।

आज बनगांव के युवाओं ने एक मिसाल पेश किया है। गांव के युवाओं ने एकजुट होकर ट्विटर ट्रेंड का निर्णय लिया। सरकार का ध्यान खींचने के लिए सभी साथियों ने #OpenBangaonPHC हैशटैग के साथ अबतक कुल 25000 ट्वीट पूरा कर लिया है। वास्तव में #Tweet4Mithila अभियान सफ़ल आज हुआ है।

एयरपोर्ट, एम्स, आइटी पार्क, मैथिली समेत सर्जनों मुद्दों पर लाखों ट्वीट के साथ नेशनली नंबर वन ट्रेंड सर्जनों बार हुआ है। लेकिन आज जो हुआ है वो दिल को सुकून देने वाला है। तीन दिन पहले उत्पल, रतन एवम् गांव के कुछ साथियों ने जब कॉल करके इसपर बात किया था उस वक्त हमारे मन में रविवार को मंगल पांडे के खिलाफ ट्रेंड का विचार था।