ट्रेन में सफ़र करते समय इस वक़्त TTE किसी भी हाल में नहीं चेक कर सकता है टिकट, जान ले रेलवे का यह नियम?

अगर आप भी भारतीय रेलवे यानी की ट्रेन में सफ़र करते है तो आपके लिए ये खबर खास है जी हाँ दोस्तों आपको बता दे कि यह खबर यात्रिओ के लिए काम की खबर है | ट्रेन में सफ़र करने वाले लोगों का सपना यहीं होता है कीउनकी यात्रा आरामदायक हो और उन्हें रास्ते में किसी भी प्रकार के कोई कष्ट न हो |

लेकिन लम्बी दुरी के सफ़र में रास्ते में कई बार जब आप सोते रहते है तो उसी वक़्त TTE टिकट चेक करने आ जाते है | जिसके कारण आपकी नींद भी खराब हो जाती है | लेकिन क्या आपको पता है रेलवे ने ऐसे भी नियम बनाये है जिसमे आपके मर्जी के बैगेर टिकट नहीं चेक करता मतलब आपको वो डिस्टर्ब नहीं कर सकता है | आईये जानते है इन नियमों के बारे में विशेष रूप से……

रेल यात्रा के दौरान ट्रैवल टिकट एग्जामिनर (TTE) की टिकट चेक करने आता है. कई बार ऐसा भी होता है कि टीटीई आपको देर रात जागकर टिकट या आईडी दिखाने के लिए कहता है. लेकिन, आपको बता दें, रात 10 बजे के बाद TTE भी आपको डिस्टर्ब नहीं कर सकता है. यानी टीटीई को सिर्फ सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच ही टिकटों का वेरिफिकेशन करना होता है. रात में सोने के बाद किसी भी पैसेंजर को डिस्टर्ब नहीं किया जा सकता. रेलवे बोर्ड की यह गाइडलाइन है.

अगर आप की ट्रेन छूट जाती है तो टीटीई अगले दो स्टॉप या अगले एक घंटे तक (दोनों में जो पहले हो) आपकी सीट किसी और यात्री को अलॉट नहीं कर सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि अगले दो स्टॉप में से किसी से आप ट्रेन पकड़ सकते हैं. तीन स्टॉप गुजर जाने के बाद टीटीई के पास अधिकार होता है कि वह आरएसी लिस्ट में अगले व्यक्ति को सीट अलॉट कर दे.