बड़ी खबर : इन दो रूटों के बीच 85 साल से बंद थी रेल सेवा अब जाकर हुआ चालू, लेकिन जारी है निर्माण कार्य

दोस्तों बिहार के इन दो रूर्टों पर लगभग 80 साल से भी ऊपर से बंद थी रेल सेवा लेकिन अब यह खबर आ रही है कि रेल सेवा शुरू कर दिया जाएगा | जी हाँ दोस्तों आपने बिलकुल सही सुना दरभंगा-सहरसा पर रेल सेवा का चलते हुए देखा जाना लगभग एक पीढ़ी खत्म हो गया मतलब पुरे 80 से 90 साल पहले लगभग इस रूट पर ट्रेन चल रहा था | अब खबर यह आ रही है कि दो महिना बाद 30 जून से इस पर ट्रेन का परिचालन शुरू किया जाएगा |

भारतीय रेल के मुताबिक के मुताबिक नए दरभंगा-सकरी-झंझारपुर-कूपहा-आसानपुर-सुपौल-सहरसा रेलखंड पर निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। वर्तमान में दरभंगा के लोगों को सहरसा जाने के लिए ट्रेन से समस्तीपुर भाया खगड़िया जाना पड़ता है। जबकि 1934 से पहले दरभंगा सकरी निर्मली फारबिसगंज हाेते सहरसा की सीधी ट्रेन सेवा थी।

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सहरसा-सरायगढ़-झंझारपुर-दरभंगा रेलखंड पर हुआ था ट्रेन ट्रायल
दरअसल दरभंगा से सहरसा आने जाने में लगेगा कम समय नए रेल खंड के बन जाने से दरभंगा से सहरसा जाने में महज 2 से ढाई घंटे लगेंगे। फिलहाल समस्तीपुर भाया खगड़िया जाने में 5 से 6 घंटे लगते हैं। इससे लोगों को आर्थिक रूप से भी बचत होगी व दूरी कम हाे जाएगी।

दरभंगा से सहरसा आने जाने में लगेगा कम समय
दरभंगा के लाेगाें काे ट्रेन से सहरसा जाने के लिए दरभंगा, समस्तीपुर, रोसड़ाघाट, खगड़िया होकर सहरसा स्टेशन तक जाना पड़ता है। नए रेल लाइन बन जाने से इसकी दूरी 51 किमी कम हाे जाएगी।

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क्यों हुआ था थप रेल सेवा :

यह रेल सेवा भूकंप आने की वजह से सन 1934में बाधित हो गया था | जिसके करीब 87 वर्ष बाद यहां ट्रेन दौड़ी है. पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि कोसी रेल ब्रिज होते हुए वाया सुपौल- सरायगढ़-निर्मली-झंझारपुर होते हुए सहरसा और दरभंगा रेलखंड के बीच रेलवे ट्रैक, रेल पुलों, स्टेशन भवन आदि का जीएम जायजा लिया.

सकरी निर्मली रेलखंड का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में
रेलवे सूत्राें के मुताबिक सहरसा व दरभंगा के बीच कोसी पर नए पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस पुल को सरायगढ़ से रेलवे ट्रैक के माध्यम से जोड़ दिया गया है। सकरी निर्मली रेलखंड का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। इसके पूरा होते ही दरभंगा-सकरी-झंझारपुर-सरायगढ़-सहरसा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा।सहरसा में इसी ऑटोमेटिक कोच प्लांट का हुआ था उद्घाटन नए पुल का स्ट्रक्चर एमबीजी लोडिंग क्षमता के अनुरूप बनाया गया है। वहीं सहरसा सरायगढ़- निर्मली-झंझारपुर-सकरी-दरभंगा रेलखंड चालू हो जाने के बाद उत्तर बिहार को एक नया रेलखंड मिल जाएगा।

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