खुशखबरी : बिहार अब जल्द बनेगा टेक्सटाइल हब, लोगों को नहीं जाना होगा दुसरे शहर यही मिलेगा रोजगार

बिहार के लोगों को अभी रोजगार के लिए दुसरे शहर जाना पड़ता है लेकिन अब इस समस्या को ठीक करने के लिए बिहार सरकार अपनी और से हर वो कोशिश कर रही है कि हमारे राज्य से कोई भी व्यक्ति को रोजगार के लिए दुसरे शहर नहीं जाना पड़े लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमारे बिहार के लोग क्यों जाते है दुसरे शहर रोजगार के लिए तो इसका सीधा शा जवाब है कि हमारे राज्य में अभी उपयुक्त मात्रा में रोजगार नहीं है |

इसीलिए बिहार के लोग दुसरे राज्य जा रहे है | लेकिन अब बिहार सरकार के वर्तमान उद्योग मंत्री शहनवाज़ हुसैन उद्योग धंधे को लेकर अपने तरफ से हर वो काम कर रहे है जिससे हमारे बिहार के लोगों को उद्योग धंधे में कोई दिक्कत न हो | वहीँ शाहनवाज़ हुसैन ने बताया है कि राज्य में बहुत जल्द टेक्सटाइल निति लाया जाएगा जिससे राज्य को विकाश में मदद मिल पायेगा | और लोगों को उपयुक्त मात्रा में रोजगार मिल पायेगा |

उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया है की बिहार के लोगों के लिए ख़ुशी की बात है कि हमारे बिहार में टेक्सटाइल निति आएगा और लगभग आ चूका है इसका काम अंतिम चरण में चल रहा है | और उन्होंने आगे बताया कि इस निति को राजधानी पटना सहित बिहार के अलग-अलग जगहों पर स्थापित किया जाएगा | उन्होंने इ बात की भी जानकारी दी है कि इस निति में किस चीज का उद्योग का निर्माण किया जाएगा |

तो आपको बता दे कि इस निति में खास कर उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए कहा की नई टेक्सटाइल नीति लाने को लेकर प्रारूप अपने अंतिम चरण में है, इसके बाद इसे कैबिनेट से पारित कराया जाएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए यह भी कहा कि इस नीति की मदद से राजधानी पटना के पटना सिटी समेत बिहार के अन्य शहरों में भी टेक्सटाइल उद्योग स्थापित किया जाएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस टेक्सटाइल उद्योग में खासकर गंजी, अंडर वियर, समिति रेडीमेड गारमेंट के अलग-अलग चीजो के उद्योग लगाये जायेंगे |

मंत्री शहनवाज़ हुसैन ने इस बात की भी जानकारी दी कि बिहार में क्यों खास कर कपडे वाले उद्योग पर वो अधिक टारगेट कर रहे है तो उन्होंने इसका भी जवाब दिया उन्होंने बताया की जब साल 2020 में हमारा देश महामारी के समय से गुजर रहा था तो जितने भी बिहार के लोग बाहर के कम्पनी मकाम कर रहे थे वो लोग वापस अपने घर आने लगे थे | उस समय जितने भी बाहर से लौट रहे बिहारी थे उसमे से करीब 85% लोग कपडे की कम्पनी में काम कर रहे थे | इस वजह से कपड़ा के उद्योग पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है ताकि हमारे यहाँ के लोगों को आसानी से रोजगार मिल सके |

यह स्थापित हो जाने से इन जगह के लोगों को होगा अधिक लाभ :

पटना, छपरा, आरा, समस्तीपुर, बलिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, गया, औरंगाबाद, बेगूसराय, बख्तियारपुर,वैशाली,भागलपुर,नालंदा,सदर, फुलवारी शरीफ, सम्पतचक, पलिगंज, फतुहा, खुसरपुर, दानीयावाँ, बख्तियारपुर, बाढ़, बेल्ची, अथमलगोला, मोकामा, पंडारक, घोसवारी, बिहटा प्रखण्ड (पटना), मनेर प्रखण्ड (पटना), दानापुर प्रखण्ड (पटना), नौबतपुर, दुलहिन बाजार, बिक्रम, मसूरी, धनरुआ , पुनपुन प्रखण्ड (पटना)