बिहार में किसानों की बल्ले-बल्ले ,कृषि यंत्रों की जानकारी अब आनलाइन, किराए पर लीजिए मशीन आमदनी होगी दोगुनी

बिहार क्ले किसानो के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर है जी हाँ दोस्तों आपको बता दे कि किसान समूहों, एफपीओ, जीविका और समृद्ध किसानों द्वारा अनुदान पर खरीदे गए कृषि यंत्र बैंकों की जानकारी अब ऑनलाइन दिया जाएगा | यह निर्णय कृषि विभाग ने लोगों को अच्छी सुविधा को देखते हुए लिया है | उपलब्ध कृषि यंत्र बैंकों का आनलाइन ब्योरा देखकर किसान उसे किराये पर लेने के लिए संपर्क कर सकते हैं। पंचायत स्तर की जानकारी उपलब्ध होगी। मसलन, ट्रैक्टर, कंबाइन, हार्वेस्टर, थ्रसर, पंपसेट, रोलर, पावर टिलर, रोटावेटर, हैपी सीडर आदि 17 से 18 तरह के कृषि यंत्र शामिल हैं।

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जानिये क्या होता है रोटावेटर (रोटरी टिलर) :

रोतावेटर को सभी लोग जानते ही होंगे जी हाँ दोस्तों रोतावेटर खेतों की जुताई का प्रारंभिक और शानदार मशीन है | बता दे की जब खत पूरी तरह तैयार हो जाती है तब इस मशीन का इसतेमाल किया जाता है पहली जब खेतो में जंगल वैगैरा रहते है तो लोग नाफारा झाइल का इस्तेमाल करते है | खेतों की प्रारंभिक जुताई के लिए अच्छा यंत्र है।

जानिये क्या होता है कल्टीवेटर :

कल्टीवेटर में लोहे के फ्रेम में छोटे-छोटे नुकीले खुरपे लगे होते हैं। और कल्टीवेटर को लोग गाँव की भाषा में नाफारा भी कहते है | जो फसलें पंक्तियों में निश्चित दूरी पर बोई जाती हैं, उनकी निराई-गुड़ाई के लिए कल्टीवेटर बहुत उपयोगी है। निराई के अतिरिक्त कल्टीवेटर जुताई तथा बोवाई के लिए भी प्रयोग किए जाते हैं। जुते हुए खेत में कल्टीवेटर का प्रयोग करने से खेत की घास समाप्त होती है। मिट्टी भुरभुरी हो जाती है और मिट्टी के नीचे दबे हुए ढेले ऊपर आकर टूट जाते हैं।

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पावर वीडर : यह एक शक्ति चालिक खर-पतवारनाशी यंत्र है। विभिन्न फसलों यथा सब्जियों, बागानों, गन्ने, पहाड़ी इलाके में लगे अन्य फसलों आदि में जो पंक्ति में लगाई जाती है, उसमें उगे खर-पतरवार निकालने के लिए सबसे उपयोगी यंत्र है। इस यंत्र के प्रयोग से विभिन्न फसलों में खरपतवार कम समय में आसानी से निकाले जा सकते हैं।