बुशरा बानो: भारत लौट सोशल मीडिया की मदद से की UPSC परीक्षा की तैयारी, अब बन गई हैं IAS

IAS Bushra Bano Success Story – कई महिलाओं की कम उम्र में शादी हो जाती है, फिर घर परिवार की जिम्मेदारी में वे इतना व्यस्त हो जाती है कि उन्होंने अपनी ज़िन्दगी में जो सपने देखे, जो लक्ष्य रखा उनको पूरा करने के बारे में ही भूल जाती हैं, वह सोचती है कि अब शादी हो गई तो सारे सपने चूल्हे चौके में ही चले गए।

असल में ऐसा नहीं है, क्योंकि कई महिलाएँ ऐसी भी हैं जिन्होंने शादी के बाद अपने करियर को ऊंचाइयों पर पहुँचाया और अपने सारे सपने पूरे किए। ऐसे ही एक महिला हैं बुशरा बानो (IAS Bushra Bano), जिन्होंने शादी के बाद अपने IAS बनने का सपना पूरा किया, तो चलिए जानते हैं बुशरा बानो की सक्सेस स्टोरी…

दोस्तों, UPSC परीक्षा पास करना बहुत मुश्किल माना जाता है। इस एग्जाम को पास करने के लिए हर वर्ष लाखों व्यक्ति फॉर्म भरा करते हैं परंतु इसमें सिर्फ़ हज़ार उम्मीदवारों का ही सिलेक्शन होता है। इसके बावजूद UPSC 2018 परीक्षा में उत्तर प्रदेश की रहने वाली बुशरा बानो (IAS Bushra Bano) ने 277 वीं रैंक प्राप्त की।

बुशरा बानो ने NDTV को एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने बताया कि वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से सम्बंध रखते हैं, उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की रेजिडेंशियल कोचिंग एकैडमी द्वारा पढ़ाई की। AMU से इन्होंने पीएचडी मैनेजमेंट में की और फिर इसी बीच उनका विवाह मेरठ के रहने वाले अहमद हुसैन से हो गया।

आपको बता दें कि बुशरा बानो के पति भी एएमयू द्वारा इंजीनियरिंग कर चुके हैं हार्वे सऊदी अरब स्थित एक यूनिवर्सिटी में अध्यापन कार्य करते थे। अतः विवाह होने के बाद बुशरा बानो भी वर्ष 2014 में सऊदी अरब चली गई थी और वहाँ पर असिस्टेंट प्रोफेसर बंद कर उन्होंने भी अध्यापन कार्य शुरू कर दिया था।

बुशरा बानो (IAS Bushra Bano) का कहना है कि शादी के बाद सऊदी अरब में उनकी ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी उन्हें कोई परेशानी तो नहीं थी लेकिन उनके मन में हमेशा यह बात चुभती थी कि अबे अपने वतन भारत के लिए कुछ कर नहीं पाईं।

फिर उन्होंने इस बारे में अपने पति से बात की और भारत वापस लौट कर कुछ करने का विचार रखा। उनके पति अहमद ने भी इन की बात मानी और फिर वर्ष 2016 में वे दोनों भारत वापस आ गए। भारत आकर तुरंत ही बुशरा ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी। इन्होंने अलीगढ़ में रहकर अपनी परीक्षा की तैयारी शुरू की, पढ़ाई के साथ-साथ में अपने परिवार और अपने बच्चों का भी ध्यान रखा करती थीं।