रेलवे का अनोखा प्लान :- किराया देकर अब आप भी ले सकते है लीज पर ट्रेन जानिये क्या है प्रक्रिया…

भारतीय रेलवे ने बनाया अनोखा योजना बनाया है बता दे की इस योजना के तहत अब सभी भारतीय को ट्रेन खरीदने का मौका मिलेगा | आप सीधा समझ लीजिये की रेलवे की सम्पति ट्रेन को आप उसका उचित मूल्य देकर लीज पर ले सकते है 25 से 35 साल के लीज पर बता दे की रेलवे ने हाल ही में ‘भारत गौरव’ ट्रेनों को चलाने का ऐलान किया है। ये ट्रेन देश के अलग-अलग टूरिस्ट स्पॉट पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों को ऑपरेट करने का जिम्मा निजी हाथों को सौंपा जाएगा। ट्रेनों का किराया, सुविधाएं, स्टॉपेज और कई सारी चीजें ऑपरेटर ही तय करेंगे।

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आईये जानते है पूरा प्रोसेस :-

सबसे पहली बात तो यह है की जो भी ट्रेनों को लीज पर लेगा, उन्हें ट्रेनों के रूट, स्टॉपेज, यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाएं और किराया भी तय करने का अधिकार होगा। ट्रेनों के ऑपरेटर को यात्रियों के रहने और खाने के लिए होटल, टैक्सी समेत सभी इंतजाम खुद करने होंगे और इसका किराया भी खुद ही निर्धारित करेंगे। हाउसकीपिंग और कैटरिंग स्टाफ को ऑपरेटर ही मैनेज करेगा। हालांकि, रेलवे ने कहा है कि किराया असामान्य न हो इसे वो सुनिश्चित करेगा।

ट्रेन लीज पर लेने के आवेदन प्रोसेस :-

इस योजना के लिए आने वाले आवेदनों को आगे बढ़ाने के लिए रेलवे प्रत्येक जोन में एक विशेष यूनिट की स्थापना करेगा। इसके लिए आवेदन करने वालों को संबंधित जोनल रेलवे के पास 1 लाख रुपये का वन-टाइम ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा। जोनल रेलवे आवेदन की जांच के बाद 10 दिन के अंदर इसे आगे प्रॉसेस करेगा। ऑपरेटर को इसके अलावा प्रत्येक रैक का 1 करोड़ रुपये सिक्योरिटी डिपोजिट देना होगा। इसके अलावा उसे ‘राइट ऑफ यूज’ चार्ज के तहत एसी, नॉन एसी और पैंट्री का का प्रति कोच के हिसाब से सालाना चार्ज देना होगा।

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भारत गौरव ट्रेनों के ऑपरेशन का जिम्मा भले ही निजी हाथों में होगा लेकिन रेलवे भी इन ट्रेनों के संचालन के लिए कुछ सुविधाएं मुहैया कराएगा। जैसे, रेलवे इन ट्रेनों को चलाने के लिए ड्राइवर, गार्ड और कोचों में मेंटेनेंस स्टाफ उपलब्ध कराएगा। यही नहीं रेलवे यह भी सुनिश्चित करेगा कि इन ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक चीजें उपलब्ध हों। साथ ही इन ट्रेनों को राजधानी और अन्य प्रीमियम ट्रेनों जैसी प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे ये ट्रेनें नियमित ट्रेनों को रास्ता देने के चक्कर में अटकें नहीं।