Manjamma Jogati : कभी मांगती थी सड़कों पर भीख नृत्य में अपनी मेहनत और लगन की वजह से आज है पद्म श्री विजेता

पिछले मंगलवार को दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार 2021 दिया जा रहा था. पद्म श्री लेने आई बैंगनी साड़ी में एक विजेता ने बड़े ही अनोखे अंदाज़ में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) का अभिवादन किया. हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और इस विजेता का वीडियो वायरल हो गया |

इन्टरनेट पर लोगों ने बताया कि मंजम्मा ने इस तरह राष्ट्रपति कोविंद को गुड लक विश किया, दुआ दी. कुछ लोगों का मानना है कि ट्रांसजेंडर की दुआ लगती है और लोगों की क़िस्मत बदल जाती है. मंजम्मा ने इसके बाद मुस्कुराते हुए अवॉर्ड लिया और उनकी मुस्कान ने ही सबका दिल जीत लिया | और सबलोग इनकी तारीफ़ भी कर रहे है |

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बल्लारी, कर्नाटक में मंजम्मा बतौर मंजुनाथ शेट्टी पैदा हुईं. उन्होंने 10वीं तक पढ़ाई की. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 15 साल की उम्र से मंजुनाथ को अपने अंदर स्त्री के होने का एहसास हुआ. माता-पिता उन्हें, Hospet स्थित मंदिर में जोगप्पा अनुष्ठान करवाने के लिए ले गए. इस अनुष्ठान में भक्त की देवी या देवता से शादी हो जाती है. अनुष्ठान के बाद से मंजूनाथ मंजम्मा जोगाती बन गए लेकिन उन्हें घर लौटने की आज्ञा नहीं थी |

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वहीं एक प्रसिद्ध भारतीय ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता अक्कई पद्मशाली ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, “जहां तक ​​मंजम्मा के पुरस्कार का सवाल है, मैं बहुत खुश हूं कि वह पूरे समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। मैं अपने समुदाय की तरफ से भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं, जिसने मंजम्मा को सम्मानित करके ट्रांसजेंडर समुदाय के योगदान पर विचार किया है।”