बिल्डिंग मैटेरियल के बढ़े दाम, अब घर बनाना हुआ और महंगा

सिर पर छत का सपना देख रहे लोगों को अब अपनी जेब और ढीली करनी पड़ सकती है। सरिया से लेकर सीमेंट, मोरंग और गिट्टी समेत बिल्डिंग मैटेरियल के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी (Building Material Price Increased) हुई है। निर्माण समाग्री के दाम बढ़ने से मकान बनाना भी महंगा हो गया है। इससे लागत काफी अधिक बढ़ गई है। सरिया के दाम में तेजी लगातार बनी हुई है, जबकि सीमेंट और गिट्टी आदि के दाम भी आसमान छू रहे हैं।

भवन निर्माण में सबसे जरूरी सरिया (TMT Bars), मोरग, सीमेंट, गिट्टी और ईंट पर महंगाई की मार पड़ी है। इनके दामों में पिछले छह महीने से लगातार तेजी बनी हुई है। दिसंबर माह में जहां सरिया 600 रुपये महंगा हुआ था वहीं अब इसकी कीमत 2400 रुपये तक बढ़ गई है। पिछले छह माह में इसका दाम लगातार बढ़ा है। इसी तरह गिट्टी भी करीब 1500 रुपये प्रति ट्राली बढ़ा है तो ईंट भी प्रति हजार 500 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। 50 किलो की बोरी का दाम भी 50 रुपये तक बढ़ गया है। वहीं पिछले एक सप्ताह में मोरग के मूल्य में प्रति ट्राली 1200 रुपये की वृद्धि हुई है। यह 8000 से 8200 रुपये ट्राली बिक रहा है। जबकि मोरग एक सप्ताह पूर्व 7000 रुपये बिक रहा था.

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दिसंबर माह में सरिया सरिया 3900 रुपये प्रति क्विंटल था वहीं मई में यह 6300 के रेट पर बिक रहा है। अब तक सरिया के दामों में 2400 रुपये प्रति क्विंटल तेजी आयी है। वहीं दिसंबर में पहले 325 से 360 रुपये में मिलने वाली सीमेंट की बोरी भी 370 से 410 रुपये तक जा पहुंची है। गिट्टी इस समय 9000 रुपये ट्राली बिक रही है। जबकि एक सप्ताह पूर्व यह 8000 में बिक रही थी। वहीं ईंट 12500 से 13000 रुपये ट्राली तक बिक रहा है।

बिल्डिंग मैटेरियल के मूल्य में बढ़ोत्तरी का बड़ा कारण लाकडाउन व हाल में हुई बरसात मानी जा रही है। कारोबारी आनंद गुप्ता का कहना है कि लाकडाउन का असर पहले से था।

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कच्चे माल की कमी के कारण सरिया, सीमेंट आदि का दाम बढ़ा था। अब बरसात के बाद मोरंग व गिट्टी की निकासी बंद है जिसके कारण एकाएक मूल्य में वृद्धि हुई है। मौसम साफ होने के बाद इनके दाम में कुछ कमी आने की उम्मीद है।